पाय़े पड़ि शोनो भाइ गाइय़े
Paye pori shono bhai
विचित्र
पाय़े पड़ि शोनो भाइ गाइय़े, मोदेर पाड़ार थोड़ा दूर दिय़े याइय़े॥ हेथा सा रे गा मा -गुलि सदाइ करे चुलोचुलि, कड़ि कोमल कोथा गेछे तलाइय़े॥ हेथा आछे ताल-काटा वाजिय़े– वाधावे से काजिय़े। चौताले धामारे के कोथाय़ घा मारे– तेरे-केटे मेरे-केटे धाँ-धाँ-धाँइय़े॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Paaye pori shono bhaai gaaiye, Moder paarar thora dur diye jaaiye. Hetha sa re ga ma -guli sadai kare chulochuli, Kori komol kotha gechhe talaaiye. Hetha aachhe taal-kaata baajiye - Baadhabe se kaajiye. Choutaale dhaamare Ke kothay ghaa maare - Tere-kete mere-kete dhnaa-dhnaa-dhnaaiye.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- विचित्र · 117(বিচিত্র)
- राग
- बौल्-सुर(বাউল-সুর)
- ताल
- दद्र(দাদরা)
- घराना
- शास्त्रीय और क्षेत्रीय रूप(শাস্ত্রীয় ও আঞ্চলিক রূপ)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ६२(স্বরবিতান ৬২)
- स्वरलिपि
- सुधीर चंद्र करसुधीर चंद्र कर1906–1977Rabindranath's personal scribe in his last years: when illness kept the poet from writing, he dictated and Sudhirchandra set it down. / शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1935(১৩৪২)
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