পিনাকেতে লাগে টঙ্কার
Pinakete lage tankar
Puja
२३७
पिनाकेते लागे टङ्कार–
वसुन्धरार पञ्जरतले कम्पन जागे शङ्कार॥
आकाशेते लागे घुर्णि सृष्टिर वाँध चुर्णि,
वज्रभीषण गर्जनरव प्रलय़ेर जय़डङ्कार॥
स्वर्ग उठिछे क्रन्दि, सुरपरिषद वन्दी–
तिमिरगहन दु:सह राते उठे शृङ्खलझङ्कार।
दानवदम्भ तर्जि रुद्र उठिल गर्जि–
लण्डभण्ड लुटिल धुलाय़ अभ्रभेदी अहङ्कार॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Pinaakete laage tangkaar - Basundharaar panjarotale kampano jaage shankaar. Aakaashete ghore ghurni srishtiro bnaadh churni, Brajabhishano garjanorabo prolayer joyodankaar. Swargo utthichhe krondi, suroporishad bondi - Timirgahono duhsaho raate utthe shringkhalojhankaar. Daanabodambho torji rudro utthilo gori - Landhobhando lutilo dhulaay abhrabhedi ahonkaar.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 237(পূজা)
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- संकलन
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- स्वरबितान खण्ड
- 59
- स्वरलिपि
- Shailajaranjan Majumdar
- रचनाकाल
- 1933(১৩৪০)
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