पथ दिय़े के याय़ गो चले
Poth diye ke jay go
पूजा
५६१
पथ दिय़े के याय़ गो चले
डाक दिय़े से याय़।
आमार घरे थाकाइ दाय़॥
पथेर हाओय़ाय़ की सुर
वाजे, वाजे आमार वुकेर माझे–
वाजे वेदनाय़॥
पूर्णिमाते सागर हते छुटे एल वान,
आमार लागल प्राणे टान।
आपन-मने मेले
आँखि आर केन वा पड़े थाकि
किसेर भावनाय़॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Path diye ke jaay go chole Daak diye se jaay. Aamar ghore thaakai daay. Pother haaway ki sur baaje, baaje aamar buker maajhe - Baaje bedonay. Purnimate saagor hote chhute elo baan, Aamar laaglo praane taan. Aaponmone mele aankhi aar keno baa pore thaaki Kiser bhaabonay.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 31 August 1914(১৫ ভাদ্র ১৩২১)
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