पथे येते डेकेछिले मोरे
Pothe jete dekechhile
पूजा
पथे येते डेकेछिले मोरे।
पिछिय़े पड़ेछि आमि, याव ये की करे?।
एसेछे निविड़ निशि, पथरेखा गेछे मिशि–
साड़ा दाओ, साड़ा दाओ आँधारेर घोरे॥
भय़ हय़, पाछे घुरे घुरे यत आमि याइ तत याइ चले दूरे–
मने करि आछ काछे तवु भय़ हय़, पाछे
आमि आछि तुमि नाइ कालि निशिभोरे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Pathe jete dekechhile more. Pichhiye porechhi aami, jaabo je ki kore? Esechhe nibiro nishi, pathorekha geche mishi - Saara daao, saara daao aandharer ghore. Bhay hoy, paachhe ghure ghure jato aami jaai tato jaai chole dure - Mone kori aachho kaachhe, tobu bhay hoy, paachhe Aami aachhi tumi naai kaali nishibhore.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 21 April 1926(৮ বৈশাখ ১৩৩৩)
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