প্রাণ নিয়ে ত সট্কেছি রে,
Pran niye to sotkechhi 2
Kaal Mrigaya Kaal Mrigaya से · दृश्य 5
प्राण निय়े त सट्केछि रे, ओरे वरा, करवि एखन कि ! वावा रे ! आमि चुप क'रे एइ आमड়ातलाय় लुकिय়े थाकि । एइ मरदेर मुरदखाना, देखेओ कि रे भड়्कालि ना— वाहावा, सावास तोरे, सावास् रे तोर भरसा देखि । गरीव व्राह्मणेर छेले व्राह्मणीरे घरे फेले कोथा एलेम ए घोर वने ! मने आशा छिल मस्त चलवे भाल दक्षिण हस्त— हा रे रे पोड়ा कपाल, ताओ ये देखि केवल फाँकि !
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Praan niye to sotkechhi re, Ore bora, korbi ekhon ki. Baaba re, aami chup kore ei Aamratolay lukiye thaaki. Ei moroder murodkhana, Dekheo ki re bharkali na. Bahoba! Saabas tore, Saabas re tor bhorsha dekhi. Gorib braamhoner chhele Bramhonire ghore phele Kotha elem e ghor bone, Mone aasha chhilo masto, Cholbe bhaalo dokhin hasto, Ha re re pora kapal, Taao je dekhi kebal phaanki.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Kaal Mrigaya(কালমৃগয়া)
- राग
- Desh-Malhar
- ताल
- Ektaal(একতাল)
- संकलन
- Kaal-mrigaya
- स्वरबितान खण्ड
- 29
- स्वरलिपि
- Indira Debi Chowdhurani
- रचनाकाल
- 1882(১২৮৯)
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