प्रभु, आजि तोमार दक्षिण हात रेखो ना ढाकि
Probhu aji tomar dokhin
पूजा
प्रभु, आजि तोमार दक्षिण हात रेखो ना ढाकि। एसेछि तोमारे, हे नाथ, पराते राखी॥ यदि वाँधि तोमार हाते पड़व वाँधा सवार साथे, येखाने ये आछे केहइ रवे ना वाकि॥ आजि येन भेद नाहि रय़ आपना परे, तोमाय़ येन एक देखि हे वाहिरे घरे। तोमा साथे ये विच्छेदे घुरे वेड़ाइ केँदे केँदे क्षणेकतरे घुचाते ताइ तोमारे डाकि॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Probhu aaji tomaar dokshino haat rekho na dhaaki. Esechhi tomaare hey naath porate raakhi, Jodi bnaadhi tomaar haate porbo bnaadha sobar saathe, Jekhane je aachhe kehoi robe na baaki. Aaji jeno bhed naahi roy aapona pore, Tomaay jeno ek dekhi hey baahire ghare. Toma saathe je bichchhede ghure beraai knede knede Khonek-tare ghuchate taai tomaare daaki.
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- पूजा · 364(পূজা)
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- सुरेन्द्रनाथ बंदोपाध्याय
सुरेन्द्रनाथ बंदोपाध्याय1886–1972Musician of the Vishnupur gharana, known as Sangitratnakar, and a notator of Rabindrasangeet.Eastern Zonal Cultural Centre, from the documentary “The Vishnupur Gharana” · Wikimedia Commons, CC BY 3.0 / भीमराव शास्त्री - रचनाकाल
- 13 October 1909(২৭ আশ্বিন ১৩১৬)
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