पुरानो सेइ दिनेर कथा भुलवि कि रे हाय़
Purano sei diner kotha
प्रेम और प्रकृति
पुरानो सेइ दिनेर कथा भुलवि कि
रे हाय़।
ओ
सेइ चोखेर देखा, प्राणेर कथा,
से कि भोला याय़।
आय़ आर-एकटिवार आय़ रे
सखा, प्राणेर माझे आय़।
मोरा सुखेर दुखेर कथा
कव, प्राण जुड़ावे ताय़।
मोरा भोरेर वेला फुल
तुलेछि, दुलेछि दोलाय़–
वाजिय़े वाँशि गान गेय़ेछि वकुलेर
तलाय़।
हाय़ माझे हल
छाड़ाछाड़ि, गेलेम के कोथाय़–
आवार देखा यदि हल, सखा, प्राणेर
माझे आय़॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Purano sei diner katha bhulbi kire haay. O sei chhokher dekha, praaner katha, se ki bhola jaay. Aay aar-ektibar aay re sakha, praaner maajhe aay. Mora sukher dukher katha kabo, praan jurabe taay. Mora bhorer bela phul tulechhi, dulechhi dolaay – Baajiye bnaashi gaan geyechhi bokuler talaay. Haay maajhe holo chhaarachhaari, gelem ke kothaay – Aabar dekha jodi holo sakha praaner maajhe aay.
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ज्योतिरिन्द्रनाथ ठाकुर1849–1925Rabindranath's elder brother — playwright, composer and painter, a pioneer of written notation for Bengali song, and a formative presence in the young poet's life.Photographer unknown, before 1925 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1885(১২৯২)
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