पुष्प दिय़े मारो यारे
Puspo diye maro jare
पूजा
५९२
पुष्प दिय़े
मारो यारे चिनल ना से मरणके।
वाण खेय़े ये पड़े से
ये धरे तोमार चरणके॥
सवार निचे धुलार ’परे फेलो यारे मृत्युशरे
से ये तोमार कोले पड़े, भय़ कि वा तार पड़नके?।
आरामे यार आघात ढाका, कलङ्क यार सुगन्ध,
नय़न मेले देखल ना से रुद्र मुखेर आनन्द।
मजल ना से चोखेर जले, पौँछल ना चरणतले,
तिले तिले पले पले म’ल येजन पालङ्के॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Pushpo diye maaro jaare chinlo na se maronke. Baan kheye je pare se je dhare tomar chanronke. Sabar niche dhular pare phelo jaare mrityu-share Se je tomar kole pare, bhay ki ba taar paronke? Aarame jaar aaghat dhaaka, kalonko jaar sughandho, Nayon mele dekhlo na se rudro mukher aanondo. Mojlo na se chokher jale, pnouchholo na charontale, Tile tile pale pale molo jejon paalonke.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 5 October 1914(১৯ আশ্বিন ১৩২১)
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