राते राते आलोर शिखा
Rate rate alor shikha
प्रेम
राते राते आलोर शिखा राखि ज्वेले
घरेर कोणे आसन मेले॥
वुझि समय़
हल एवार
आमार प्रदीप निविय़े देवार –
पूर्णिमाचाँद, तुमि एले॥
एत दिन से छिल तोमार पथेर पाशे
तोमार दरशनेर आशे।
आज तारे
येइ परशिवे याक से निवे,याक से निवे–
या आछे सव दिक से ढेले॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Raate raate aalor sikha raakhi jwele Gharer kone ason mele. Bhujhi samay holo ebar aamar prodip nibiye debar - Purnimachaand, tumi ele. Eto din se chhilo tomar pather paashe Tomar darosaner aashe. Aaj taare jei paroshibe jaak se nibe, jaak se nibe Ja aachhe sab dik se dhele.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1922(১৩২৯)
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