রিমিকি ঝিমিকি ঝরে ভাদরের ধারা—
Rimiki jhimiki jhare
Prem O Prakriti
रिमिकि झिमिकि झरे भादरेर धारा— मन ये केमन करे, हल दिशाहारा । येन के गियेछे डेके, रजनीते से के द्वारे दिल नाडा— रिमिकि झिमिकि झरे भादरेर धारा ॥ वँधु दया करो, आलोखानि धरो हृदये । आधो-जागरित तन्द्रार घोरे आँखि जले याय ये भ'रे । स्वपनेर तले छायाखानि देखे मने मने भावि एसेछिल से के— रिमिकि झिमिकि झरे भादरेर धारा ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Rimiki jhimiki jhare bhaadorero dhaara – Mon je kemon kore, holo dishahara. Jeno ke giyechhe deke, Rajoneete se ke dwaare dilo naara – Rimiki jhimiki jhare bhaadorero dhaara. Bodhu daya karo, aalokhani dharo hridaye. Aadho jaagarito tandrar ghore aankhi jale jaay je bhore. Swaponer tale chhaayakhani dekhe mone mone bhaabi esechhilo se ke – Rimiki jhimiki jhare bhaadorero dhaara.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इंटरैक्टिव स्वरलिपि जल्द ही आ रही है।
यूट्यूब पर
- पर्याय
- Prem O Prakriti · 93(প্রেম ও প্রকৃতি)
- राग
- Iman-Kalyan(ইমন-কল্যাণ)
- ताल
- 2-2
- घराना
- Hindustani
- स्वरबितान खण्ड
- 58
- स्वरलिपि
- Shailajaranjan Majumdar
- रचनाकाल
- 1939(১৩৪৬)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।
इस गीत में कोई गलती दिखी?