सर्दार महाशय় देरि ना सय়—
Sardarmashay deri na soy
वाल्मीकि प्रतिभा Valmiki Pratibha से · दृश्य 4
सर्दार महाशय় देरि ना सय়— तोमार आशाय় सवाइ वसे । शिकारेते हवे येते, मिहि कोमर वाँधो कषे । वनवादाड় सव घेँटे घुँटे, आमरा मरव खेटे खुटे, तुमि केवल लुटे पुटे पेट पोरावे ठेसे ठुसे । काज की खेय়े, तोफा आछि— आमाय় केउ ना खेलेइ वाँचि— शिकार करते याय় के मरते, ढुँसिय়े देवे वरा मोषे । ढुँ खेय়े तो पेट भरे ना— साधेर पेटटि यावे फेँसे ।
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Sardar mashay deri naa soy, Tomar aashay sabai bose. Shikarete habe jete, Mihi komor bnaadho koshe. Bonbaadar sab ghnete ghnute Aamra mori khete khute, Tumi kebol lute pute Pet porabe tthese tthuse. Kaaj ki kheye, tofa aachhi - Aamay keu na khelei bnaachi. Shikar korte jaay ke morte - Dhnusiye debe bara-moshe. Dnu kheye to pet bhare na - Saadher petti jaabe phnese.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1886(১২৯৩)
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