सेइ भालो सेइ भालो, आमारे ना हय़ ना जान
Sei bhalo sei bhalo
प्रेम
सेइ भालो
सेइ भालो, आमारे ना हय़ ना जान।
दूरे गिय़े
नय़ दुःख देवे, काछे केन लाजे लाजानो॥
मोर वसन्ते लेगेछे तो सुर,
वेणुवनछाय़ा हय़ेछे मधुर–
थाक-ना एमनि गन्धे-विधुर मिलनकुञ्ज साजानो॥
गोपने
देखेछि तोमार व्याकुल नय़ने भावेर खेला।
उतल आँचल,
एलोथेलो चुल, देखेछि झड़ेर वेला।
तोमाते आमाते हय़ नि ये कथा
मर्मे आमार आछे से वारता–
ना वला वाणीर निय़े आकुलता आमार वाँशिटि वाजानो॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Sei bhaalo sei bhaalo, aamare na hoy na jaano. Dure giye noi dukkho debe, kaachhe keno laaje laajano. Mor basante legechhe to sur, benu bano chhaaya hoyechhe modhur - Thaak-na emni gandhe bidhur milanokunja saajano. Gopane dekhechhi tomar byakul nayone bhaaber khela. Utalo aanchol elothelo chul dekhechhi jharer bela. Tomate aamate hoyni je katha marme aamar aachhe se baarota - Na bala baanir niye aakulata aamar bnaashiti baajano.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1926(১৩৩৩)
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