शरৎ, तोमार अरुण आलोर अञ्जलि
Sharat tomar arun alor
प्रकृति
शरৎ,
तोमार अरुण आलोर अञ्जलि
छड़िय़े गेल
छापिय़े मोहन अङ्गुलि॥
शरৎ,
शिशिर-धोओय़ा कुन्तले
वनेर-पथे-लुटिय़े-पड़ा अञ्चले
आज
प्रभातेर हृदय़ ओठे चञ्चलि॥
मानिक-गाँथा ओइ-ये तोमार कङ्कणे
झिलिक लागाय़ तोमार श्यामल अङ्गने।
कुञ्जछाय़ा
गुञ्जरणेर सङ्गीते
ओड़ना ओड़ाय़
एकि नाचेर भङ्गीते,
शिउलिवनेर
वुक ये ओठे आन्दोलि॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Sharot, tomar aarun aalor anjali. Chhoariye gelo chhaapiye mohono anguli. Sharot, tomar shishiro-dhowa kuntale Boner-pathe-lutiye-para anchale Aaj probhater hriday othe chancholi. Maanik gnaatha oi-je tomar kankone Jhilik laagay tomaro shyamolo angone. Kunjochhaaya gunjaraner songite Orna orao eki naacher bhongite, Shiuliboner buk je othe aandoli.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 4 September 1914(১৯ ভাদ্র ১৩২১)
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