सीमार माझे, असीम, तुमि वाजाओ आपन सुर
Simar majhe asim tumi
पूजा
सीमार माझे, असीम, तुमि वाजाओ आपन सुर– आमार मध्ये तोमार प्रकाश ताइ एत मधुर॥ कत वर्णे कत गन्धे कत गाने कत छन्दे अरूप, तोमार रूपेर लीलाय़ जागे हृदय़पुर। आमार मध्ये तोमार शोभा एमन सुमधुर॥ तोमाय़ आमाय़ मिलन हले सकलइ याय़ खुले, विश्वसागर ढेउ खेलाय़े उठे तखन दुले। तोमार आलोय़ नाइ तो छाय़ा, आमार माझे पाय़ से काय़ा, हय़ से आमार अश्रुजले सुन्दरविधुर। आमार मध्ये तोमार शोभा एमन सुमधुर॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Simar maajhe, asim, tumi baajao aapon sur. Aamar modhye tomar prokash taai eto madhur. Kato borne kato gandhye, kato gaane kato chhande, Arup tomar ruper lilay jaage hridoypur. Aamar modhye tomar shobha emon sumodhur. Tomay aamay milon hole sakoli jaay khule, Biswasagor dheu khelaye utthe takhon dule. Tomar aaloy naai to chhaaya, aamar maajhe paay se kaaya, Hoy se aamar osrujole sundorbidhur. Aamar modhye tomar shobha emon sumodhur.
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सुरेन्द्रनाथ बंदोपाध्याय1886–1972Musician of the Vishnupur gharana, known as Sangitratnakar, and a notator of Rabindrasangeet.Eastern Zonal Cultural Centre, from the documentary “The Vishnupur Gharana” · Wikimedia Commons, CC BY 3.0 - रचनाकाल
- 11 July 1910(২৭ আষাঢ় ১৩১৭)
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