सखी, आँधारे एकेला घरे मन माने ना
Sokhi adhare ekela
प्रेम
सखी, आँधारे एकेला घरे मन माने ना।
किसेरइ पिय़ासे कोथा
ये यावे से, पथ जाने ना॥
झरोझरो नीरे, निविड़ तिमिरे, सजल समीरे गो
येन कार वाणी कभु काने आने–कभु आने ना॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Sokhi, aandhare ekela ghore mon maane na. Kiseri piyase kotha je jaabe se, poth jaane na. Jharojharo nire, nibiro timire, sajalo somire go Jaano kaar baani kobhu kaane aane - kobhu aane na.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1925(১৩৩২)
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