सुखे आमाय़ राखवे केन
Sukhe amay rakhbe keno
पूजा
२१६
सुखे आमाय़ राखवे केन, राखो तोमार कोले।
याक-ना गो सुख ज्वले॥
याक-ना पाय़ेर तलार माटि, तुमि तखन धरवे आँटि–
तुले निय़े दुलावे ओइ वाहुदोलार दोले॥
येखाने घर वाँधव आमि आसे आसुक वान–
तुमि यदि भासाओ मोरे चाइ ने परित्राण।
हार मेनेछि, मिटेछे भय़– तोमार जय़ तो आमारि जय़
धरा देव, तोमाय़ आमि धरव ये ताइ हले॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Sukhe aamay raakhbe keno, raakho tomar kole. Jaak naa go sukh jwole. Jaak naa paayer talar maati, tumi takhon dhorbe aanti - Tule niye dulaabe oi baahudolaar dole. Jekhaane ghar bnaadhbo aami aase aasuk baan - Tumi jodi bhaasaao more chaai ne poritraan. Haar menechhi, mitechhe bhay - tomaar joy to aamari joy Dharaa debo, tomaay aami dhorbo je taai hole.
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- सुधीर चंद्र करसुधीर चंद्र कर1906–1977Rabindranath's personal scribe in his last years: when illness kept the poet from writing, he dictated and Sudhirchandra set it down.
- रचनाकाल
- 23 August 1914(৭ ভাদ্র ১৩২১)
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