स्वप्ने आमार मने हल
Swapne amar mone holo
प्रकृति
स्वप्ने आमार मने हल कखन घा दिले
आमार द्वारे, हाय़।
आमि जागि नाइ जागि नाइ गो,
तुमि मिलाले अन्धकारे, हाय़॥
अचेतन मनो-माझे
तखन रिमिझिमि ध्वनि वाजे,
काँपिल वनेर हाओय़ा झिल्लिझङ्कारे।
आमि जागि नाइ जागि नाइ गो, नदी
वहिल वनेर पारे॥
पथिक एल दुइ प्रहरे पथेर आहवान आनि घरे।
शिय़रे नीरव
वीणा वेजेछिल कि जानि ना–
जागि नाइ जागि नाइ गो,
घिरेछिल
वनगन्ध घुमेर चारिधारे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Swapne aamar mone holo kakhon ghaa dile aamar dwaare, haay. Aami jaagi naai jaagi naai go, Tumi milaale andhokaare, haay. Acheton mano-maajhe takhon rimijhimi dhwani baaje, Knaapilo boner chhaaya jhillijhankaare. Aami jaagi naai jaagi naai go, nodi bohilo boner paare. Pothik elo dui prohore pather aahwaban aani ghore. Shiyore nirobo bina bejechhilo ki jaani na - Jaagi naai jaagi naai go, Ghirechhilo banogandho ghumer chaari dhaare.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1939(১৩৪৬)
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