त्रिभुवन माझे आमरा सकले काहारे ना करि भय়—
Tobe aye sobe aye
वाल्मीकि प्रतिभा Valmiki Pratibha से · दृश्य 1
त्रिभुवन माझे आमरा सकले काहारे ना करि भय়— माथार उपरे रय়ेछेन काली, समुखे रय়ेछे जय় ! तवे आय় सवे आय়,तवे आय় सवे आय়— तवे ढाल् सुरा,ढाल् सुरा,ढाल् ढाल् ढाल् ! दय়ा माय়ा कोन् छार,छारखार होक ! के वा काँदे कार तरे,हाः हाः हाः ! तवे आन् तलोय়ार, आन् आन् तलोय়ार, तवे आन् वरशा,आन् आन् देखि ढाल !
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Tabe aay sabe aay, tabe aay sabe aay- Tabe dhaal sura, dhaal sura, dhaal dhaal dhaal. Daya maaya kon chhaar, chhaarkhar hok. Ke ba knaade kaar tare, ha ha ha. Tabe aan talowaar, aan aan talowaar, Tabe aan barsha, aan aan dekhi dhaal. Aage pete kichhu dhaal, pare pitthe nibi dhaal. Ha ha, ha ha ha, ha ha.Ha ha ha ha ,ha ha.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इंटरैक्टिव स्वरलिपि जल्द ही आ रही है।
यूट्यूब पर
- पर्याय
- वाल्मीकि प्रतिभा(বাল্মীকিপ্রতিভা)
- उप-पर्याय
- बल्मिकि-प्रतिभ(বল্মিকি-প্রতিভ)
- राग
- वेस्टर्न(ওয়েস্টার্ন)
- ताल
- कहर्व(কাহারবা)
- घराना
- पश्चिमी(পশ্চিমী)
- संकलन
- बल्मिकि प्रतिभा(বাল্মীকি প্রতিভা)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ४९(স্বরবিতান ৪৯)
- स्वरलिपि
- दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1880(১২৮৭)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।