तोमार वैशाखे छिल प्रखर रौद्रेर ज्वाला
Tomar baishakhe chhilo
चित्रांगदा Chitrangada से · दृश्य 2
तोमार वैशाखे छिल प्रखर रौद्रेर ज्वाला, कखन वादल आने आषाढेर पाला, हाय़ हाय़ हाय़। कठिन पाषाणे केमने गोपने छिल, सहसा झरना नामिल अश्रुढाला, हाय़ हाय़ हाय़। मृगय़ा करिते वाहिर हल ये वने मृगी हय़े शेषे एल कि अवला वाला, हाय़ हाय़ हाय़। ये छिल आपन शक्तिर अभिमाने कार पाय़े आने हार मानिवार डाला, हाय़ हाय़ हाय़॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Tomar boishakhe chhilo prokhar raudrer jwaala, Kakhon baadal aane aasharer paala, haay haay haay. Kothin paashane kemone gopone chhilo, Sahosa jharna naamilo oshru dhaala, haay haay haay. Mrigaya korite baahir holo je bone Mrigi hoye sheshe elo ki abola baala, haay haay haay. Je chhilo aapan shoktir obhimaane Kaar paaye aane haar maanibar daala, haay haay haay.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1926(১৩৩৩)
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