तोमार मोहन रूपे के रय़ भुले
Tomar mohon rupe ke
प्रकृति
तोमार मोहन रूपे के रय़ भुले। जानि ना कि मरण नाचे, नाचे गो ओइ चरणमूले॥ शरৎ-आलोर आँचल टुटे किसेर झलक नेचे उठे, झड़ एनेछ एलोचुले॥ काँपन धरे वातासेते– पाका धानेर तरास लागे, शिउरे ओठे भरा क्षेते॥ जानि गो आज हाहारवे तोमार पूजा सारा हवे निखिल-अश्रु-सागर-कूले॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Tomar mohano rupe ke roy bhule. Jaani na maron naache, naache go oi charonomule. Sharot aalor aanchol tute kiser jhalok neche uthe, Jhar enecho elochule. Knaapon dhare batasete - Paaka dhaaner taras laage, shiure othe bhara khete. Jaani go aaj haaharabe tomaro puja saara habe Nikhilo aashru-sagoro kule.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1914(১৩২১)
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