तरुण प्रातेर अरुण आकाश
Torun prater arun akash
प्रेम और प्रकृति
तरुण प्रातेर अरुण आकाश
शिशिर-छलोछलो,
नदीर धारेर झाउगुलि ओइ रौद्रे झलोमलो।
एमनि निविड़ क’रे
एरा दाँड़ाय़ हृदय़ भ’रे–
ताइ तो आमि जानि
विपुल विश्वभुवनखानि
अकूल-मानस-सागर-जले कमल टलोमलो।
ताइ तो आमि जानि–
आमि वाणीर साथे वाणी,
आमि गानेर साथे
गान, आमि प्राणेर साथे प्राण,
आमि अन्धकारेर
हृदय़-फाटा आलोक ज्वलोज्वलो॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Tarun praater arun aakash shishir-chhalochhalo, Nodir dhaarer jhaauguli oi roudre jhalomalo. Emni nibir kore era dnaaray hriday bhore – Taai to aami jaani bipul bishwabhubankhan Aakul-maanas-saagar-jale kamal talomalo. Taai to aami jaani – aami baanir saathe baanee, Aami andhakarer hriday-phata aalok jwalo-jwalo.
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- प्रेम और प्रकृति · 63(প্রেম ও প্রকৃতি)
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 24 October 1915(৭ কার্তিক ১৩২২)
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