उदासिनी-वेशे विदेशिनी के से
Udasini beshe bideshini
प्रेम और प्रकृति
उदासिनी-वेशे विदेशिनी के से नाइवा ताहारे जानि,
रङे रङे लिखा आँकि मरीचिका मने मने छविखानि॥
पुवेर हाओय़ाय़ तरीखानि
तार एइ भाङा घाट कवे हल पार
दूर नीलिमार वक्षे ताहार उद्धत वेग हानि॥
मुग्ध आलसे गणि एका वसे पलातका यत ढेउ।
यारा चले याय़ फेरे ना तो हाय़ पिछु-पाने आर केउ।
मने जानि कारो नागाल पाव ना–
तवु यदि मोर उदासी भावना
कोनो वासा पाय़ सेइ दुराशाय़ गाँथि साहानाय़ वाणी॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Udaasini beshe bidesini ke se naaiba taahare jaani, Range range likha aanki marichika mone mone chhabikhani. Puber haaway torikhaani taar ei bhaanga ghat kabe holo paar Dur nilimar bokkhe taahar uddhato beg haani. Mugdho aalose gani eka bose palaataka jato dheu. Jaara chole jaay phere na to haai pichhu-paane aar keu. Mone jaani kaaro naagal paabo naa- tobu jodi mor udaasi bhaabona Kono baasa paay sei duraashaay gnaathi saahanay baani.
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- प्रेम और प्रकृति · 91(প্রেম ও প্রকৃতি)
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1938(১৩৪৫)
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