आज खेला भाङार खेला
Aj khela bhangar khela
प्रकृति Basanta से
धुतुरा - आज खेलाभाङार खेला खेलवि आय় । सुखेर वासा भेङे फेलवि आय় । मिलनमालार आज वाँधन तो टुटवे, फागुनदिनेर आज स्वपन तो छुटवे, उधाओ मनेर पाखा मेलवि आय় । अस्तगिरिर ओइ शिखरचूड়े झड়ेर मेघेर आज ध्वजा उड়े कालवैशाखीर हवे ये-नाचन, साथे नाचुक तोर मरणवाँचन, हासिकाँदन पाय়े ठेलवि आय় ।
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaj khela bhaangar khela khelibe aay, Sukher baasa bhenge phelbi aay. Milanmaalar aaj bnaadhon to tutbe, Phaagun diner aaj swapon to chhutbe, Udhaao moner paakha melbi aay. Astogirir oi shikharchure Jharer megher aaj dhwaja ure. Kaalboishakhir hobe je-nachon, Saathe naachuk tor maronobnaachon, Haasi knadon paaye tthelbi aay.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 23 January 1923(১০ মাঘ ১৩২৯)
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