आमि फिरव ना रे, फिरव ना आर
Ami phirbo na re
विचित्र
आमि फिरव ना रे, फिरव ना आर, फिरव ना रे– एमन हाओय़ार मुखे भासल तरी– कूले भिड़व ना आर, भिड़व ना रे॥ छड़िय़े गेछे सुतो छिँड़े, ताइ खुँटे आज मरव कि रे– एखन भाङा घरेर कुड़िय़े खुँटि वेड़ा घिरव ना आर, घिरव ना रे॥ घाटेर रशि गेछे केटे, काँदव कि ताइ वक्ष फेटे– एखन पालेर रशि धरव कषि, ए रशि छिँड़व ना आर, छिँड़व ना रे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aami phirbo naa re, phirbo naa aar, Phirbo naa re - Emon haawar mukhe bhaaslo tori - Kule bhirbo naa aar, bhirbo naa re. Chhoriye gechhe suto chnire, Taai khnute aaj morbo ki re - Ekhon bhaanga gharer kuriye khnuti Bera ghirbo naa aar, ghirbo naa re. Ghaater roshi gechhe kete, Knaadbo ki taai bokkho phete - Ekhon paaler roshi dhorbo koshi, E roshi chnirbo naa aar, chnirbo naa re.
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सुरेन्द्रनाथ बंदोपाध्याय1886–1972Musician of the Vishnupur gharana, known as Sangitratnakar, and a notator of Rabindrasangeet.Eastern Zonal Cultural Centre, from the documentary “The Vishnupur Gharana” · Wikimedia Commons, CC BY 3.0 - रचनाकाल
- 1909(১৩১৬)
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