गीत / श्यामा

चमकिवे फागुनेर पवने,

Chamakibe phaguner

श्यामा Shyama से · दृश्य 2
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चमकिवे फागुनेर पवने,
पशिवे आकाशवाणी श्रवणे,
चित्त आकुल हवे अनुखन
अकारण ।
दूर हते आमि तारे साधिव,
गोपने विरहडोरे वाँधिव—
वाँधनविहीन सेइ ये वाँधन
अकारण ॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।