गानगुलि मोर शैवालेरइ दल
Ganguli mor soibaleri dal
प्रेम Basanta से
गान - गानगुलि मोर शैवालेरि दल— ओरा वन्याधाराय় पथ ये हाराय় उद्दाम चञ्चल । ओरा केनइ आसे याय় वा च'ले, अकारणेर हाओय়ाय় दोले, चिह्न किछुइ याय় ना रेखे, पाय় ना कोनो फल । ओदेर साधन तो नाइ— किछु साधन तो नाइ, ओदेर वाँधन तो नाइ— कोनो वाँधन तो नाइ । उदास ओरा उदास करे गृहहारा पथेर स्वरे, भुले-याओय়ार स्रोतेर 'परे करे टलमल ।
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Gaanguli mor shoibaleri dal - Ora bonyadhaaray path je haaray Uddamo chanchal. Ora kenoi aase jaay ba chole, akaraner haaway dole - Chinho kichhui jaay na rekhe, paay na kono phal. Oder saadhon to naai - kichhu saadhon to naai, Oder bnaadhon to naai - kono bnaadhon to naai. Udaas ora udaas kaare grihohaara pather sware, Bhulejaawar sroter pare kare tolomol.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- प्रेम · 5(প্রেম)
- उप-पर्याय
- गान(গান)
- राग
- कफ़ि(কাফি)
- ताल
- कहर्व(কাহারবা)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- संकलन
- बसन्त(বসন্ত)
- स्थान
- शांतिनिकेतन(শান্তিনিকেতন)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबितन ६ (बसन्त)(স্বরবিতান ৬ (বসন্ত))
- स्वरलिपि
- दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 11 February 1923(২৯ মাঘ ১৩২৯)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।