जगत जुड़े उदार सुरे
Jagat jure udar sure
पूजा
जगत जुड़े उदार सुरे आनन्दगान वाजे,
से गान कवे गभीर रवे वाजिवे हिय़ा-माझे॥
वातास जल आकाश आलो सवारे कवे वासिव भालो,
हृदय़सभा जुड़िय़ा तारा वसिवे नाना साजे॥
नय़न दुटि मेलिले कवे परान हवे खुशि,
ये पथ दिय़ा चलिय़ा याव सवारे याव तुषि।
रय़ेछ तुमि ए कथा कवे जीवनमाझे सहज हवे,
आपनि कवे तोमारि नाम ध्वनिवे सव काजे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Jagot jure udaar sure aanondogaan baaje, Se gaan kabe gobhir robe baajibe hiya-maajhe. Baatas jal aakash aalo sabare kabe baasibo bhaalo, Hridayosabha juriya taara bosibe naana saaje. Nayonduti melile kabe paran hobe khushi, Je path diya choliya jaabo sabare jaabo tushi. Royechho tumi e katha kabe jibono-maajhe sahoj hobe, Aaponi kobe tomari naam dhwonibe sab kaaje.
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सुरेन्द्रनाथ बंदोपाध्याय1886–1972Musician of the Vishnupur gharana, known as Sangitratnakar, and a notator of Rabindrasangeet.Eastern Zonal Cultural Centre, from the documentary “The Vishnupur Gharana” · Wikimedia Commons, CC BY 3.0 / भीमराव शास्त्री - रचनाकाल
- June 1909(আষাঢ় ১৩১৬)
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