फुले फुले ढ'ले ढ'ले वहे किवा मृदु वाय়,
Phule phule dhole dhole
कालमृगया Kaal Mrigaya से · दृश्य 2
फुले फुले ढ'ले ढ'ले वहे किवा मृदु वाय়, तटिनी हिल्लोल तुले कल्लोले चलिय়ा याय় पिक किवा कुञ्जे कुञ्जे कुहू कुहू कुहू गाय়, कि जानि किसेरि लागि प्राण करे हाय় हाय় !
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Phule phule dhole dhole bahe kiba mridu baay, Totini hillolo tule kallole choliya jaay Piko kiba kunje kunje kuhu kuhu kuhu gaay, Ki jaani kisero laagi praano kore haay haay!
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इंदिरा देवी चौधरनी1873–1960Rabindranath's niece — scholar, translator and musician, who set down a great many of his songs in notation.Photographer unknown, c. 1890 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1882(১২৮৯)
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