से कि भावे गोपन रवे
Se ki bhabe gopan robe
प्रकृति Basanta से
माधवी - से कि भावे गोपन रवे लुकिय়े हृदय় काड়ा ताहार आसा हाओय়ाय় ढाका, से ये सृष्टिछाड়ा । हिय়ाय় हिय়ाय় जागल वाणी, पाताय় पाताय় कानाकानि, 'ओइ एल ये', 'ओइ एल ये' परान दिल साड়ा । एइ तो आमार आपनारइ एइ फुल फोटानोर माझे तारे देखि नय়न भ'रे नाना रङेर साजे । एइ-ये पाखिर गाने गाने चरणध्वनि वय়े आने, विश्ववीणार तारे तारे एइ तो दिल नाड়ा ।
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Se ki bhaabe gopano rabe Lukiye hriday kaara. Taahar aasa haaway dhaaka, Se je sristichhaara. Hiyay hiyay jaaglo baani, Paatay paatay kaanakaani - 'Oi elo je', 'oi elo je' Paran dilo saara. Ei to aamar aapnari ei Phul photanor maajhe Taare dhekhi nayon bhore Naana ranger saaje. Ei- je paakhir gaane gaane Charondhwoni boye aane, Bissobinar taare taare Ei to dilo naara.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 4 February 1923(২২ মাঘ ১৩২৯)
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